Always Remember !
Job/Career Lessons that We have learnt Today From Ntsh Kumar:
- Always be flexible.
- Switch at the right time.
- Never burn the bridges.
- Be open to join the same company again.
Last but not the least...
- Never quit without another offer in hand.

कॉरपोरेट में नौकरी करने वालों के लिए नीतीश कुमार बहुत शानदार केस स्टडी है। नीतीश की राजनीति से मैनेजमेंट के कई सबक मिलते है...
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जब तक दूसरा ऑफर लैटर हाथ में न हो, पहली कंपनी से रिजाइन मत करो।
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एक बार दूसरा ऑफर स्वीकार कर लो तो पहली कंपनी कितना भी इन्क्रीमेंट, प्रमोशन का लालच दे, रुको मत क्योंकि एक बार इस्तीफा देने के बाद हायर मैनेजमेंट की नजरों में आ चुके होते हो और भले आप रुक गए हो, कंपनी आपका रिप्लेसमेंट ढूँढने लगती है।
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अगर आप में स्किल्स है और आप कंपनी के लिए असेट हो तो पहली कंपनी के दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले रहेंगे। इसलिए अपने स्किल्स को तराशते रहिए, मार्केट में डिमांड बनी रहेगी! बारगेनिंग के लिए हमेशा ओपन रहिए। अड़ियल रवैया नुकसान कर सकता है।
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कंपनी लॉयल्टी, एथिक्स, वर्क कल्चर वगैरे सब हवाई बातें है। कॉरपोरेट के जंगल में हर व्यक्ति/कंपनी शिकार भी है और शिकारी भी। यहाँ आपको बस अपने लिए सोचना है। जब लेऑफ़ होंगे, कंपनी एक बार भी आपके लिए नहीं सोचेगी जब अच्छा ऑफर आयेगा आपका कोई टीम मेम्बर आपके लिए नहीं रुकेगा। इसलिए बस शिकार पर नजर रखिये और जब मौका मिले अपना हिस्सा लेकर अगले मिशन पर चल निकले।
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नेटवर्किंग हमेशा सॉलिड बनाकर रखिये। किससे कब फिर से पाला पड़ जाए भरोसा नहीं!

LinkedIn cringe group unavailable h dosto...
Thanks for tolerating.

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